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Monday, February 19, 2018

Birthday Special: जब अनिल कपूर को बनना पड़ा अन्नू कपूर



बॉलीवुड अभिनेता और टेलिविजन एंकर अन्नू कपूर आज ( 20 फरवरी 2018) को  62 साल के हो गए। एक्टर और गायक अन्नू कपूर का जलवा जितना फिल्मों में बरकरार है उतना ही टीवी के दुनिया में भी। अन्नू कपूर फिल्मों और टेलिविजन में 80 के दशक में जुड़े है। आज भी जब अंताक्षरी का नाम याद आता है एक टीवी चैनल के रियलिटी शो 'अंताक्षरी' में उनका ही नाम सबसे उपर लिया जाता है।

अन्नू कपूर  ने बॉलीवुड में अपने अभिनय की जादूगरी विकी डोनर,शौकिन्स, 7 खून माफ,धर्म संकट, ऐतराज, जॉली एलएलबी-2,डर,ऐलान-ए-जंग, मिस्टर इंडिया और तेजाब  जैसी  हिट फिल्मों में दिखा चुके है।

अन्नू कपूर का जन्म 20 फरवरी,1956 को मध्यप्रदेश के पंजाबी परिवार के घर में हुआ था। इनके पिता एक पारसी थिएटर कंपनी चलाते थे। अन्नू कपूर को बचपन से  ही अभिनय की दुनिया के दीवाने थे। अपने शुरूआती दिनों में उन्होनें पिता की कंपनी में काम किया था। 

बाद में अपने अभिनय को तराशने के लिए दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला ले लिया। जहां पर उन्होनें 23 साल में 70 साल के बुढ़े का किरदार निभाया था। उनके इस अभिनय  को देखकर मशहूर निर्देशक श्याम बेनेगल काफी प्रभावित हुए। अन्नू कपूर ने हिंदी सिनेमा में अपने करियर की शुरुआत 1983 में मंडी फिल्म से की। आज उनका सफर कुल 30 साल का हो गया।


अन्नू कपूर का असली नाम अनिल कपूर है। लेकिन अपने हमनाम अभिनेता अनिल कपूर की वजह से अपना नाम अन्नू कपूर रखना पड़ा। दरअसल 80 के दशक में दोनों ने मिस्टर इंडिया में एक साथ फिल्म की। उस समय आज के अनिल कपूर एक उभरते कलाकार थें। मिस्टर इंडिया के बाद फिल्म मशाल में दोनों को काम करने का मौका मिला। 

अन्नू कपूर  को इस फिल्म में सिर्फ चार लाइने बोलनी थी। जिसके के लिए उन्हें 4 हजार की रकम दी जानी थी। दोनों कलाकार का नाम एक होने से अन्नू कपूर को हीरो अनिल कपूर का 10 हजार का चेक मिल गया था और 4 हजार का चेक होरो अनिल कपूर को। बाद में पता चला दोनों के नाम एक होने से कन्फ्यूजन हो गया था। 

जब इस वाकये का पता शबाना आजमी को पता चला तो उन्होनें अन्नू कपूर को सुझाव दिया कि वे अपना नाम बदल लें क्योंकि एक पेशे में दोनो का एक नाम नहीं होना चाहिए। शबाना आजमी के इस सुझाव को मनाते हुए उन्होंने अपना नाम अन्नू कपूर रख लिया। 

उन्हें हिन्दी फिल्म विक्की डोनर में डॉ चड्ढा  की  बेहतरीन भूमिका के लिए फिल्म फेयर और नेशनल अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है। इसके आलावा अपनी आवाज के दम पर रेडियो पर छाप छोड़ रखी है।  

Sunday, February 18, 2018

19 फरवरी राशिफल: इन 5 राशियों को धन लाभ मिलने के संकेत हैं



मेष राशि
रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। व्यापार करने वाले जातको के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। परिवार में किसी मामले को लेकर वाद-विवाद हो सकता है। सेहत के मामले में सावधानी बरतें।
वृष राशि
नौकरी का प्रस्ताव मिल सकता है यह आपके लिए अच्छी खबर साबित हो सकती है क्योंकि वर्तमान में आपकी नौकरी में तनाव आ रहा है। किसी खास व्यक्ति के मुलाकता संभव है। यात्रा के योग है।
मिथुन राशि
खर्चे बढ़ सकते हैं संतुलन बनाकर रखें। पुराने मित्र से मुलाकात भी हो सकती है। सामान खोने का डर है। प्रेमी जोड़ो के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। किसी के झगड़े में पड़ने से बचें।
कर्क राशि
इस राशि के जातको के लिए भाग्य उनका साथ देगा। साझेदारी में पैसा बनाने का मौका मिलेगा। मान सम्मान में वृद्धि होगी।
सिंह राशि 
दाम्पत्य जीवन अच्छा रहेगा। व्यवसाय में उन्नति होगी। विदेश यात्रा के योग बन रहा है। आज आपके अधिकारी आपको कोई कार्य सौंप सकते है जिसके कारण कार्यालल में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। दिन अच्छा गुजरेगा।
कन्या राशि
कानूनी मसलो में सफलता मिल सकती है। धन लाभ होने के प्रबल संकेत है। किसी नए काम में आपको सफलता मिल सकती है।
तुला राशि
तनाव के चलते दिन अच्छा नहीं बीतेगा। नौकरी और घर के सदस्यों के बीच तालमेल बनाने की कोशिश करें। सेहत में गिरावट हो सकती है। 
वृश्चिक राशि
विरोधी हावी हो सकते हैं बच कर रहें। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। घूमने जा सकते है। किसी खास से मुलाकात संभव है।
धनु राशि
निवेश के मामले में सावधानी बरतें। इधर-उधर की योजनाओं में पैसा न लगाएं।  वाहन चलते समय सावधानी बरतें। घर में आज विवाद पैदा हो सकता है।
मकर राशि
दोस्तों से मन मुटाव संभव है। व्यापार में हानि हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों के लिए आज दिन शुभ रहेगा। अटकी योजना में सफलता मिल सकती है।
कुंभ राशि
अधिक काम के चलते तनाव से घिर सकते है। दोस्तों से विवाद गहरा होने के संकेत है। रुका हुआ धन मिलने की संभावना है यह पैसा दिया हुआ उधार भी हो सकता है।
मीन राशि
पैसा बनाने के ढ़ेर सारे मौके मिलेंगे। साझेदारी के  व्यापार में वृद्धि होगी। नौकरी में तरक्की के संकेत है। परिवार में सुख शान्ति रहेगी।









साप्ताहिक राशिफल-19 से 25 फरवरी 2018, जानिए कैसा रहेगा यह सप्ताह आपके लिए



मेष 
सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपकी राशि से 12वें भाव में गोचर कर रहे हैं। जो कि आपके व्यय का स्थान है। कुल मिलाकर सप्ताह की शुरुआत थोड़ी खर्चीली रहने के संकेत हैं। आपकी राशि से लाभ स्थान में सूर्य, बुध व शुक्र गोचर कर रहे हैं जिससे लाभ में वृद्धि के संकेत हैं। हालांकि हाल ही में लगे सूर्य ग्रहण के कारण हो सकता है लाभ अपेक्षानुसार न हो। 

सप्ताह के मध्य में चंद्रमा आपकी राशि में आ जायेंगें इस समय आपका मन थोड़ा अस्थिर रह सकता है। अंतिम दिनों में चंद्रमा दूसरे व तीसरे स्थान में रहेंगे। व्यावसायिक तौर पर स्थिति में थोड़ी बेहतर हो सकती है। संतान को लेकर भी चिंतित रह सकते हैं।

वृष 
इस सप्ताह के आरंभ में चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से लाभ स्थान में हो रहा है जिस कारण आपके लिये यह सप्ताह लाभकारी रहने के आसार हैं। वहीं कर्म भाव में राशि स्वामी शुक्र के साथ सूर्य व बुध की युति आपकी प्रोफेशनल लाइफ के लिये काफी अच्छे संकेत कर रही है। आपको अच्छे स्वास्थ्य का सुख मिल सकता है। पदोन्नति की राह देख रहे हैं तो खुशखबरी मिल सकती है। सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रह सकते हैं। 

सप्ताह के मध्य में चंद्रमा लाभ स्थान से व्यय भाव में गोचररत होंगे संभव है इस समय आपको किसी के दुर्व्यवहार से कष्ट पंहुचे। खर्चे भी बढ़ सकते हैं। इसके पश्चात चंद्रमा आपकी ही राशि में आयेंगें इस समय आपका मन थोड़ा सप्ताहांत में चंद्रमा धन भाव में रहेंगें। कार्यस्थल पर सचेत रहने की आवश्यकता रहेगी कोई आपकी प्रतिष्ठा को ठेस पंहुचाने के प्रयास कर सकता है।

मिथुन 
सप्ताह के शुरुआत में चंद्रमा आपकी राशि से दसवें स्थान में गोचर करेंगें। आपकी राशि के स्वामी बुध इस समय सूर्य व शुक्र के साथ भाग्य स्थान में गोचर कर रहे हैं। इस हफ्ते आपको थोड़ा सजग रहने की आवश्यकता है। आप पर झूठे आरोप लगाये जा सकते हैं जिससे आपका मन दुखी रहने की संभावना है। कामकाजी जीवन में भी आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 

सप्ताह के मध्य में चंद्रमा आपकी राशि से ग्यारहवें स्थान में आ जायेंगें इस समय रोमांटिक लाइफ में परेशानी पैदा हो सकती है। इसके पश्चात 12वां चंद्रमा आपके पर्सनली व प्रोफेशनली आपकी छवि को नुक्सान पंहुचने के संकेत कर रहा है। धर्म-कर्म के कार्यों में भी नुक्ताचीनी कर सकते हैं। सप्ताहांत में चंद्रमा आपकी राशि में होंगे। आपके लिये सलाह है कि इस पूरे सप्ताह संयम से काम लें।

कर्क 
सप्ताह के आरंभ में आपकी राशि के स्वामी चंद्रमा आपकी राशि 9वें भाव में गोचर कर रहे हैं जो कि आपके भाग्य का स्थान है। चंद्रमा जहां आपके भाग्योदय के संकेत कर रहे हैं वहीं अष्टम भाव में शुक्र, बुध व सूर्य के साथ गोचर कर रहे हैं जो कि आपके जीवन में परेशानियां आने के संकेत कर रहे हैं।

पर्सनल लाइफ विशेष रूप से प्रभावित हो सकती है। पार्टनर के साथ रिश्ते में दरार आ सकती है। सेहत के प्रति भी आपको सचेत रहने की आवश्यकता है। सप्ताह के मध्य में चंद्रमा कर्मक्षेत्र में रहेंगें इस समय आपको सरकारी अधिकारियों से नोटिस मिल सकता है सावधानी रखें विशेषकर व्यावसायिक लेखा-जोखा तैयार रखें। अंतिम दिनों में चंद्रमा लाभ स्थान में रहेंगें लेकिन आपके लिये लाभ के कोई आसार नज़र नहीं आ रहे हैं।

सिंह 
सप्ताह के आरंभिक दिनों में चंद्रमा अष्टम भाव में गोचर कर रहे हैं। आपके लिये इस सप्ताह की शुरुआत उत्साहजनक नहीं कही जा सकती हैं। हालांकि सप्तम भाव में राशि स्वामी सूर्य, शुक्र व बुध के साथ गोचर कर रहे हैं। पिछले दिनों यदि साथी के साथ विवाद हुआ है तो सप्ताह के मध्य में चंद्रमा के भाग्य स्थान में आने पर वह शांत हो सकता है। पारिवारिक रिश्ते भी बेहतर होने की उम्मीद की जा सकती है। इस समय भाग्य का आपको पूरा साथ मिलने के आसार हैं। 

अंतिम दिनों में चंद्रमा कर्म भाव में गोचररत होंगे। कामकाज में आ रही बाधाएं दूर होने के संकेत हैं। इस दौरान आप अपने लक्ष्यों को हासिल करने में सफल हो सकते हैं। सप्ताहांत में चंद्रमा लाभ स्थान में होंगे जिससे उम्मीद लगा सकते हैं कि यह सप्ताह आपके लिये कुल मिलाकर लाभकारी रहेगा। जो जातक किसी नये व्यवासाय को शुरु करने की योजना बनाये बैठें हैं उनके लिये अपनी योजना को क्रियान्वित करने का सही समय हो सकता है।

कन्या 
इस हफ्ते की शुरुआत में राशि स्वामी बुध आपकी राशि से छठे स्थान में सूर्य व शुक्र के साथ गोचर कर रहे हैं। इस समय आपको अपने प्रतिस्पर्धियों से थोड़ा सचेत रहने की आवश्यकता रहेगी साथ ही स्वास्थ्य का ध्यान भी रखने की जरुरुत है। वहीं सप्ताहारंभ में चंद्रमा सप्तम भाव में रहेंगें जिससे साथी के साथ रिश्तों में सुधार हो सकता है। 

इस समय रचनात्मक कार्यों की ओर आपका रूझान बढ़ सकता है। सप्ताह के मध्य में चंद्रमा अष्टम भाव में रहेंगें इस समय हो सकता है आपको स्थिति कुछ अनियंत्रित दिखाई दे लेकिन जैसे ही चंद्रमा भाग्य स्थान में गोचररत होंगे आपके लिये कार्योन्नति का रास्ता साफ होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि के संकेत हैं। 

तुला 
आपकी राशि के स्वामी शुक्र इस हफ्ते आपकी राशि से पंचम भाव में सूर्य व बुध के साथ गोचररत हैं, जो विवाहित जातक संतान प्राप्ति की कामना रखते हैं उन्हें कोई शुभ समाचार मिल सकता है। हालांकि सप्ताह की शुरुआत में रोग व शत्रु घर में चंद्रमा शारीरिक तौर पर परेशानी खड़ी कर सकते हैं। इस समय थोड़ा संभल कर चलें, वाद-विवाद में तो बिल्कुल न पड़ें अन्यथा बेवजह के झंझट में पड़ सकते हैं। 

सप्ताह के मध्य में चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होगा। इस समय जीवनसाथी से मतभेद बढ़ सकते हैं। सप्ताह के उतर्राध में अष्टम चंद्रमा आपको मानसिक रूप से तनाव दे सकता है। सप्ताहांत में चंद्रमा भाग्य स्थान में आ जायेंगें। जिससे आप कुछ राहत महसूस कर सकते हैं।

वृश्चिक 
सप्ताह के आरंभ में चंद्रमा पंचम भाव में रहेंगे तो चतुर्थ स्थान में सूर्य, बुध व शुक्र की युति बन रही है। कुल मिलाकर शुरुआत आपके लिये अच्छी रहने के आसार हैं। पैतृक संपत्ति से आपको लाभ मिलने के योग आपके लिये बन रहे हैं। रोमांटिक लाइफ में भी पार्टनर के साथ खुशनुमा लम्हें बिताने का समय मिल सकता है।

आपकी अचल संपत्ति में भी वृद्धि हो सकती है। जो जातक लंबे समय से अपना घर लेने के लिये प्रयासरत हैं उनके लिये समय काफी सकारात्मक रह सकता है। सप्ताह के मध्य में चंद्रमा छठे भाव में रहेंगे। इस समय आप अपने शत्रुओं, अपने प्रतिद्वंदियों पर हावि रह सकते हैं। अंतिम दिनों में सप्तम चंद्रमा आपकी शादीशुदा जिंदगी में खुशियों के रंग भर सकते हैं। 

धनु 
इस हफ्ते की शुरुआत में चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से चौथे भाव में हो रहा है। वहीं पराक्रम में सूर्य, बुध व शुक्र त्रिग्रही योग बना रहे हैं। इस वीक की शुरुआत आपके लिये लाभकारी रह सकती है। यदि कहीं आपकी लेनदारी अटकी हुई है तो किसी दोस्त या सगे संबंधी के माध्यम से उसे निकालने में मदद मिल सकती है। 

सप्ताह के मध्य में चंद्रमा पचंम भाव में गोचररत होंगे इस समय प्रेम संबंधों में मधुरता रहने की उम्मीद कर सकते हैं। अंतिम दिनों में चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से छठे स्थान में होगा इस समय अपनी सेहत में सुधार महसूस कर सकते हैं। साथ ही प्रतिस्पर्धियों की चुनौतियों का सामना भी आप अच्छे से कर सकते हैं। 

 मकर
सप्ताह के आरंभ में चंद्रमा आपकी राशि से तीसरे स्थान में गोचररत हैं। इस समय आप थोड़ी सुस्ती महसूस कर सकते हैं। वहीं धन भाव में सूर्य, बुध व शुक्र के साथ गोचर कर रहे हैं। इस समय अपनी फाइनेंशियल कंडीशन बेहतर हो सकती हैं। सप्ताह के मध्य में चंद्रमा आपकी राशि से सुख भाव में होंगे। सुख सुविधाओं में बढ़ोतरी के संकेत हैं। 

स्कॉलरशिप की इच्छआ रखने वाले जातकों को खुशखबरी मिल सकती है। प्रोफेशनल कोर्स करने के इच्छुक जातकों को भी सफलता प्राप्त हो सकती है। सप्ताहांत में चंद्रमा शत्रु व रोग घर में होंगे। इस समय आप अपने शत्रुओं पर हावि रह सकते हैं। 

 कुंभ 
सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपकी राशि से दूसरे स्थान में गोचररत हैं। सूर्य, शुक्र व बुध की युति आपकी ही राशि में हो रही है। ऐसे में कामकाजी जीवन काफी व्यस्त रहने के आसार हैं। नई जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ सकता है। कुल मिलाकर हाल में हुई कार्योन्नति का लुत्फ़ आप उठा सकते हैं। 

सप्ताह के मध्य में पराक्रम में चंद्रमा के आने से आपको अति आत्मविश्वास से बचने की आवश्यकता रहेगी। सप्ताह के अंतिम दिनों में सुख भाव में चंद्रमा सुख सुविधाओं में वृद्धि के संकेत कर रहे हैं। रोमांटिक जीवन में पार्टनर के साथ रिश्ते मधुर बने रहने की उम्मीद कर सकते हैं।

मीन 
इस हफ्ते की शुरुआत में चंद्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं। सेहत का थोड़ा ध्यान रखें। कामकाज में आ रही रूकावटें दूर हो सकती हैं। पहले से कहीं घूमने का प्रोग्राम बना रखा है तो व्यावसायिक व्यस्तताओं के कारण प्रोग्राम कैंसिल करना पड़ सकता है। आपकी राशि से 12वें भाव में सूर्य, बुध व शुक्र का गोचर आपके खर्च बढ़ने की ओर ईशारा कर रहा है। 

 कर्ज का भार बढ़ने से मानसिक चिंता बढ़ सकती है। सप्ताह के मध्य में चंद्रमा आपकी राशि से दूसरे भाव में रहेंगे। इस समय आपको राहत मिल सकती है। धन की कमी से यदि कोई प्रोजेक्ट अधर में लटका है तो किसी दोस्त से आर्थिक सहायता मिलने में मदद मिल सकती है। 




Saturday, February 17, 2018

Xiaomi Redmi Note 5 Pro Review in Hindi

मोबाइल यूजर्स के लिए खुश खबरी। Xiaomi का Redmi Note 5 Pro बाज़ार में लॉन्च हो गया है। Xiaomi की ऑफिशियल website पर इसकी कीमत 13999 बताई गई है।


आइए प्वाइंट वाइज़ आपको इस फोन की खूबियों से परिचय कराते हैं।

Xiaomi Redmi Note 5 Pro के फीचर्स-

  • अगर फीचर्स की बात करें तो ये एन्ड्रायड नॉगट बेस फोन है और MUI 9 पर चलता है। 
  • Xiaomi Redmi Note 5 Pro में 5.99 इंच का Full HD (1080X2160) Display है। 
  • Screen की बात करें तो ये 18:9 ऑस्पेक्ट रेशियो वाली स्क्रीन है।
  • फोन की सबसे खास बात है कि इसमें 1.8 गीगाहटर्ज वाला स्नैप ड्रैगन प्रोसेसर है। 
  • Xiaomi Redmi Note 5 Pro दो RAM वैरियंट 4/6 GB में मार्केट में उपल्बध है।
  • दूसरे शाओमी फोन की तरह इसमें भी फिंगर फ्रिंट सेंसर कैमरे के पीछे की साइड पर है।
  • इस फोन की सबसे बड़ी खूबी इसका कैमरा है। इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप है।
  • सामने की ओर 12 और 5 मेगापिक्सल के दो कैमरे हैं जिसकी वजह से आपको फोटो में गजब की Depth Of Field मिलती है। इसके जरिए आप बैकग्राउंड को ब्लर कर सकते हैं।
  • अगर आप सेल्फी के लिए फोन लेना चाहते हैं ये फोन बेजोड़ है।
  • जबकि फ्रंट की ओर 20 Mega Pixel का कैमरा है। खास बात ये है कि ये कैमरा Sony का है जो जिसके कैमरे लाजवाब हैं। 
  • इतने फीचर्स के साथ Xiaomi Redmi Note 5 Pro में सबसे बड़ी बात है इसकी बैटरी। 1.8 गीगाहटर्ज प्रोसेसर की वजह से ये फोन बैटरी ज्यादा खाता है। लेकिन 4000 MAh की बैटरी इस कमी को पूरा कर देता है। 
कुल मिलाकर Xiaomi Redmi Note 5 Pro फोन कई नई खूबियों वाला है। कैमरे के लिहाज से भी ये फोन काफी अच्छा है। अगर आप 10 हजार से 15 हजार के बीच के सेगमेंट में जाना चाहते हैं तो इस फोन को Try कर सकते हैं। 

होली 2018: जानिए कैसे देश में अलग-अलग तरीकों से मनाई जाती है होली


भारत को ऐसे ही त्योहारों का देश नहीं कहते है। एक त्योहार जहां मनाया जाता है तो उसके अगले दिन ही दूसरे त्योहार को मानने की तैयारियां शुरू होने लगती है। अभी शिवरात्रि का त्योहार खत्म ही हुआ है कि होली की तैयारियां शुरू होने लगी है। इस बार होली का त्योहार 2 मार्च 2018 को मनाया जाएगा। इसके लिए अभी से बाजार में रौनक बढ़ गई है। ऐसे में आज हम आपको भारत में अलग-अलग जगहों पर मनाई जाने वाली होली के बारे में बताने जा रहे है। तो आइए जानते है देश में कैसे-कैसे होली मनाई जाती है।

ब्रज की होली
ब्रज की लट्ठमार होली सबसे विशेष होती है। खासतौर पर मथुरा,वृंदावन और बरसाना के इलाकों में। यहां की होली की मस्ती सप्ताह भर पहले से छाने लगती है। यहां की लट्ठमार होली न सिर्फ देश में प्रसिद्धि बल्कि विदेशों में भी लोकप्रिय है। यहां पर महिलाएं लाठी से पुरुषों की पिटाई करती हैं जबकि पुरुष उनसे बचने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा यहां पर भगवान कृष्ण और राधा जी के साथ फूलों की होली खेली जाती है।

बिहार की होली
बिहार प्रदेश में होली एक अलग अंदाज में मनाई जाती है। होली के दिन यहां पर फगुआ गीत गाया जाता है। इसके अलावा कई जगहों पर कीचड़ से होली खेलने का रिवाज है।

बंगाल की होली 
बंगाल की होली भी बहुत चर्चित है। यहां की होली को बसंत पर्व भी कहते है। इस दिन यहां पर राधा और कृष्ण की मूर्तियों को पूरे शहर में घुमाया जाता है और नाच गाना होता है। इस प्रकार की होली रवींद्रनाथ टैगोर ने शांति निकेतन में की थी।

गोवा की होली
गोवा में खेली जाने वाली होली को शिमगो उत्सव कहते है। इस दिन पूरे शहर में जुलूस निकाला जाता है और शाम को नाटक और संगीत के कार्यक्रम होते हैं।

पंजाब की होली
पंजाब में भी होली बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाई जाती है। यहां की होली को होला मोहल्ला कहते है। होला मोहल्ला का उत्सव आनन्दपुर साहिब  में 6 दिनों तक चलता है जहां पर कई तरह के करतब किए जाते हैं।

कुमाऊंनी होली
उत्तराखंड के कुमाऊंनी इलाके में होली रंगों और राग दोनों से खेली जाती है। यहां पर दो तरह की होली खेली जाती है पहली खड़ी होली और दूसरी बैठकी होली।

हरियाण और राजस्थानी होली
हरियाणा में भी ब्रज की तरह ही लट्ठ मार होली खेली जाती है। यहां पर देवर और भाभी के बीच रंगों और लाठियों से पिटाई करने वाली होली खेली जाती है। इसके अलावा राजस्थान की डोलजी होली भी काफी फेमस है।

भारत की 7 अनोखी परंपरा: कोई बहन देती है भाई को मर जाने का श्राप, तो किसी को शादी के लिए खानी पड़ती है औरतों की मार


                 
भारत के बारे में कहा जाता है यह देश परम्पराओं और विविधताओं से भरा है।  यहां देश के हर एक कोने में कोई न कोई अनोखी परम्परा जरूरी जुड़ी हुई है। आज हम आपको 7 ऐसी ही अनोखी परंपरा के बारे में बताने जा रहे है जिसके बारे में शायद ही आपको पता होगा।

1- पत्थर फेंक कर गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग पता करने की परंपरा
झारखंड के खुखरा गांव में बच्चे की लिंग पता करने की अनोखी परंपरा है जोकि पिछले 400 सालों से चली आ रही है। गांव में एक ऐसा पहाड़ है जहां चांद की आकृति बता देती है कि गर्भ में पल रहा बच्चा बेटा है या बेटी। इस बात को पता करने के लिए गर्भवती महिला को पहाड़ की ओर चांद की आकृति पर निश्चित दूरी से एक पत्थर फेंकती है। अगर पत्थर चांद के भीतर गिरे तो लड़का पैदा होने के संकेत है वहीं बाहर गिरने पर लड़की के संकेत।

2-बच्चों की अच्छी सेहत के लिए मंदिर में चढ़ाया जाती है लौकी 
छत्तीसगढ़ में शाटन देवी का मंदिर है जहां ऐसी मान्यता है कि अगर देवी के मंदिर में लौकी और तेंदू की लकड़ियां चढाएं तो बच्चे की सेहत अच्छी होती है। यह अनोखी परंपरा कई साल से चली आ रही है।

3- मरने पर दान करते हैं शिवलिंग
बनारस में एक ऐसा मठ है जहां पर अनोखी परंपरा चली आ रही है। यहां पर अपने  मृत परिजन की आत्म की शांति के लिए पिंडदान की जगह शिवलिंग दान करते है। यहां पर लाखों की संख्या में शिवलिंग स्थापित है। इस पंरपरा के चलते एक ही जगह 10 लाख शिव लिंग स्थापित हो चुके हैं।

4- गायों के पैरों के नीचे लेट कर पूरी करते हैं पूजा
 मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के कुछ गांवों एक बहुत पुरानी परम्परा चली आ रही है। यहां पर लोग दीवाली के अगले दिन जमीन पर लेट जाते हैं फिर उनके ऊपर से  कईयों की संख्या में गायें को दौड़ते हैं।

5- पति की सलामती के लिए 4 महीने तक जीती हैं विधवा जैसा का जीवन
 पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक समुदाय ऐसा जहां के महिलाएं अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए चार महीनों तक ना तो मांग में सिंदूर भरती है और न ही सजती और संवरतीं है। यहां की महिलाएं देवी के मंदिर में सुहाग की सारी निशानी को उनके पास रख कर अपने पति की लंबी आयु की मन्नत मांगती है।

6- भाई को मरने का श्राप देती हैं बहनें
भाई दूज पर उत्तर भारत में अनोखी परंपरा है। यहां पर भाई दूज के दिन पर यम देवता की पूजा की जाती है फिर अपने भाइयों को मरने का श्राप देती है। ऐसा इसलिए करती है क्योंकि यम द्वितीया पर भाईयों के कोसने से उन्हें मरने का भय नहीं सताता है। हालांकि कोसने के बाद ये बहने अपनी जीभ पर कांटा चुभा कर क्षमा याचना मांगती है।

7- शादी के लिए औरतों से खानी पड़ती है मार
राजस्थान में एक पंरपरा ऐसी निभाई जाती है जहां पर महिलाएं एक रात के लिए आजादी का त्योहार मनाती है। यहां की औरत रात में डंडा लेकर सड़कों पर निकलती हैं फिर उस डंडे से लड़कों को पिटाई करते हैं अगर वह लड़का चुपचाप मार खा लेते  है तो उसकी एक साल के अंदर विवाह के बंधन में बंध जाता है।




Friday, February 16, 2018

हमेशा खुश रहना है तो अपनाएं ये Tips, बदल जाएगी Lifestyle

जिंदगी में कुछ करना चाहते हैं खुश रहें। ये मंत्र आपको बुलंदियों तक पहुंचाएगा। एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार जब हम खुश रहते हैं तो हमारे आस-पास के लोग भी खुश रहते है। साइक्लोलॉजिस्ट्स ने कई शोध में पाया है कि प्रसन्न रहने का असर आपके आस-पास के एटमॉसपियर पर पड़ता है। जिसकी वजह से आप में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस ऊर्जा की वजह से आप कोई भी काम बड़ी तेजी से करते हैं क्योंकि आपको काम करने में मजा आता है। इसके उलट अगर आप कोई काम बिना इच्छा के करते हैं तो आपके आस-पास निगेटिव ऊर्जा की भरमार हो जाती है। कोई भी काम आपको टेंशन देने लगता है।

खुश रहने के लिए आप कई प्रैक्टिकल उपाय कर सकते हैं। जैसे आप हफ्ते में एक बार अपने पुराने साथियों के साथ मुलाकात जरूर करें क्योंकि पुराने साथियों के साथ आप अपने अच्छे दिनों को याद करते हैं। और अच्छे दिन जैसे ही आपको याद आते हैं आपके भीतर पॉजिटिव एनर्जी का संचार शुरू हो जाता है। इसके अलावा आप ऐसी मूवी और प्रेरणा दायक कोट्स को भी पढ़ सकते हैं जिससे आप में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।

ऐसा रिसर्च में पाया गया है कि अगर आप बहुत टेंशन में हो तो अपने बच्चों के साथ बैठकर कुछ देर कार्टून शो देख लें तो आपको इससे बहुत फायदा होता है। क्योंकि कार्टून शो देखने पर आपको ना चाहते हुए भी हंसी आने लगती है। और हंसी आते ही निगेटिव एनर्जी छूमंतर हो जाती है। यही वजह कि योग में भी हास्य योग की प्रैक्टिस कराई जाती है।
इसके अलावा आप दूसरे से वैसा व्यवहार ही करना चाहिए जैसा आप खुद के लिए सोचते हैं। क्योंकि अगर आप दूसरों के साथ खराब बर्ताव कर रहे हैं तो निश्चिततौर पर आपके साथ बुरे बर्ताव का चांसेज बढ़ जाता है। और बुरा बर्ताव ना सिर्फ आपके जेहन में हमेशा के लिए फिट हो जाता है बल्कि वो आपको हर वक्त परेशान भी करता है। तो दूसरे के साथ अच्छा व्यवहार करके आप खुद भी खुश रह सकते हैं। तो ये थे कुछ प्रैक्टिक उपाय जिसे अपना कर आप अपनी जिंदगी बदल सकते हैं। इसी तरह के और Tips के लिए आप आते रहिए हमारी वेबसाइट पर।

राधा-कृष्ण भक्तों के लिए 17 फरवरी का दिन खास, जानिए क्यों ?

राधा-कृष्ण भक्तों के लिए 17 फरवरी का दिन खास, जानिए क्यों ?



हिन्दू धर्म में अगर प्रेम के मामले में किसी जोड़ी की मिसाल दी जाती है तो वह राधा और कृष्ण के बीच हुए प्रेम को। फाल्गुन माह मे एक विशेष तिथि को राधा-कुष्ण के प्रेम दिवस के रूप में मनाते है। फाल्गुन महीने की शुक्ल पक्ष की द्वितीय को फुलैरा दूज के रूप मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि यही वह विशेष दिन था जब कृष्ण और राधा का प्रेम एकदम चरम पर था। साथ ही ऐसी मान्यता है कि इस दिन कान्हा और राधा जी की पूजा करने से प्रेम की प्राप्ति होती है।

फाल्गुन महीने का यही वह दिन है जब सारी गोपियां भगवान कृष्ण और राधा के प्रेम को स्वीकार करके उन ऊपर फूलों की वर्षा करके राधा-कृष्ण के प्रेम में दीवानी होकर फूलों की होली खेली थी। इसी कारण से इस दिन को फुलैरा दूज के रूप में मनाया जाता है। इस दिन विशेष रूप से राधा-कृष्ण की पूजा की जाती है।

पूजा का शुभ मुहूर्त
साल 2018 में फुलैरा दूज 17 फरवरी को मनाई जा रही है इस दिन शुभ मुहूर्त सुबह 3 बजकर 56 मिनट पर शुरु होगा और अगले दिन 18 फरवरी  की शाम 4  बजकर 50 मिनट तक चलेगा।

फूलैरा दूज का महत्व
ऐसी मान्यता है इस दिन जो कृष्ण भक्त सच्चे मन से भगवान की पूजा करता है उसके जीवन में प्रेम और आनन्द की कभी भी कमी नहीं रहती है। उनका प्रेम अटूट रहता है और जीवन खुशियों से भर जाता है। मथुरा और वृंदावन में फुलैरा दूज का बहुत महत्व है। इस दिन यहां के मंदिरों और घरों पर भगवान कृष्ण और राधा के ऊपर फूलों की वर्षा करते है। साथ ही मंदिरों और घर को फूलों से सजावट करते हैं।

 इसी दिन से होली की शुरुआत भी हो जाती है। इस दिन शादी करने  के लिए सबसे शुभ दिन होता है क्योंकि इसमें अबूझ मुहूर्त लगता है। इस दिन भगवान कृष्ण और राधा की मूर्ति को फूलों से सजाना चाहिए और पूजा करते समय कान्हा जी को मीठे पकवान से भोग लगाना चाहिए।

Thursday, February 15, 2018

जानिए साल 2018 में कब और कितने ग्रहण लगने वाले हैं, यहां देखिए पूरी लिस्ट



ग्रहण एक खगोलीय घटना होती है जिसका वैज्ञानिक और ज्योतिषशास्त्र में बहुत महत्व होता है। ग्रहण का असर सभी लोगों पर होता है। साल 2108 में तीन सूर्य ग्रहण लगेगा और दो चन्द्रग्रहण। साल 2018 का पहला पूर्ण चंद्रग्रहण 31 जनवरी को लग चुका है और पहला सूर्यग्रहण 15 फरवरी को है। आइए जानते हैं इसके अलावा साल में कितने सूर्यग्रहण और चन्द्रग्रहण लगाने वाले है।

कब लगता है ग्रहण
जब पृथ्वी सूर्य और चांद के बीच सीधी अवस्था में आ जाता है तो सूर्य को चांद ढक लेता है तो उस अवस्था को सूर्य ग्रहण कहते है। वहीं चंद्रग्रहण उस अवस्था को कहते है जब चन्द्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी छाया में आ जाता है। चन्द्रग्रहण तब होता है जब सूर्य,पृथ्वी और  चन्द्रमा का क्रम एक सीधी रेखा में होता है। सूर्य ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं- पूर्ण सूर्यग्रहण, आंशिक सूर्यग्रहण और वलय सूर्यग्रहण

2018 में कब-कब लगेगा ग्रहण
साल 2018 का पहला सूर्य ग्रहण 16 फरवरी को लगेगा। इसके बाद साल 2018 का दूसरा सूर्यग्रहण 13 जुलाई दिखाई देगा। तीसरा और आखिरी सूर्यग्रहण 11 अगस्त को लगेगा। लेकिन तीनों सूर्य ग्रहण आंशिक रहेगा और भारत में दिखाई नहीं देगा जबकि इसको दुनिया का अन्य कई हिस्सों में दिखाई देगा।

साल का पहला चन्द्रग्रहण 31 जनवरी को पड़ चुका है यह पूर्ण चन्द्रग्रहण था जोकि पूरे भारत में दिखाई दिया था। इसके बाद दूसरा चन्द्रग्रहण 27 जुलाई को आधी रात को लगेगा यह चन्द्रग्रहण भी भारत में दिखाई देगा।

ग्रहण पर रखनी चाहिए सावधानियां
-शास्त्रों में कुछ काम बताएं गए है जिसे ग्रहणके दौरान नहीं करना चाहिए नहीं तो तमाम तरह की परेशानियां आती है। सूर्य ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए क्योंकि ग्रहण पर सूर्य की हानिकारक किरणें निकालती है जिससे हमारी आंखों को नुकसान पहुंच सकता है।
-ग्रहण पड़ते समय न तो कुछ खाना चाहिए और न ही पीना ।
-घर में बने मंदिर को ग्रहण के दौरान ढक कर रखना चाहिए।
-जब भी कभी ग्रहण पड़ रहा हो तो उस समय बचा हुआ भोजन नहीं रखना चाहिए।
-ग्रहण के खत्म होने पर पूजा स्थल और घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए ।

Wednesday, February 14, 2018

बैद्यनाथ धाम का क्या है रावण से कनेक्शन?

शिवशंभू के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में 9वां स्थान है बैद्यनाथ शिवलिंग का। भगवान श्री बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का मंदिर जहां बना है उस स्थान को बैद्यनाथ धाम के नाम से जाना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार बैद्यनाथ महालिंग की स्थापना लंकापति रावण के द्वारा की गयी थी। यही कारण है कि बैद्यनाथ महादेव की प्रसिद्धी रावणेश्वर बैद्यनाथ के नाम से भी है।

शास्त्रों के अनुसार रावण सैकड़ों योजन की यात्रा कर हर रोज अपने पुष्पक विमान से कैलाश पर्वत पर भगवान शंकर की अराधना करने जाता था। एक दिन रावण के मन में विचार आया कि वो भगवान शिव के कामनालिंग को ले जाकर लंका में स्थापित करेगा। इस मनोरथ को सिद्घ करने के लिए रावण ने घोर तपस्या शुरू कर दी। महाभक्त की महाकठोर तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव ने रावण की इच्छा मान ली।

भगवान शिव ने रावण की इच्छा तो मान ली साथ ही ये शर्त भी लगा दिया की कैलाश से लंका ले जाने के रास्ते में शिवलिंग को अगर रावण जहां भी रखेगा... कामनालिंग वहीं स्थापित हो जाएगा। कथा के अनुसार रावण शिवलिंग को लेकर कैलाशपुरी से लंकापुरी की ओर चल पड़ा। इधर देवलोक में खलबली मच गयी। देवताओं ने आपस में मंत्रणा की। जल के देवता वरूण रावण के शरीर में प्रवेश कर गए।

दैवयोग से रावण को बहुत तेज लघुशंका लगी। तभी वहां भगवान विष्णु ग्वाले के वेश में पहुंच गए। विवश होकर रावण शिवलिंग को ग्वाले को देकर लघुशंका के लिए चला गया। भगवान विष्णु ने शिवलिंग को यहीं पर स्थापित कर दिया।

रावण जब लौटकर आया तब लाख प्रयास करने के बावजूद शिवलिंग वहां से टस से मस नहीं हुआ अंत में रावण को खाली हाथ लंका लौटना पड़ा। बाद में सभी देवी-देवताओं ने आकर इस ज्योर्तिलिंग की पूजा की और विधिवत रूप से इसकी स्थापना की। तब से बैद्यनाथ यहीं पर स्थापित हैं।

मान्यता के अनुसार सावन महीने में बैद्यनाथ धाम में कांवड़ चढ़ाने का विशेष महत्व है। आप भी घर बैठे कीजिए भगवान बैद्यनाथ की आराधना, पूरी होगी आपकी हर मनोकामना।

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